LAGHU KATHA(लघु कथाएं) दुर्व्यवहार एक था सेठ-कठोर हृदय का। वह अपने नौकरों के साथ हमेशा अभद्र व्यवहार करता था। उसका आदेश था कि जब वह एक काम ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) खोटे सिक्के सूफी संत खैराबादी जीवनयापन के लिए सब्जी बेचते थे। प्राय: लोग उन्हें खोटे सिक्के दे जाते। चालाक लोग अपने खोटे सिक्के यह कहकर ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) हक से अधिक लेना पाप स्वामी रामकृष्ण परमहंस के शिष्यों में दुर्गाचरन “नाग नामक एक सज्जन थे। इनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पिता मामूली नौकरी करते थे ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) माला चोर कौन रात की कीमती मोतीमाला गयी थी। रानी राजमहल की बगिया में तालाब में नहाने गयी थी। पानी में उतरने से पहले उसने ... By jivansar
Indian Festivals भारतीय त्यौहार निशीथ काल में दीपावली पूजन कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है। दो साल से कोरोना के कारण दीपावली वृहद स्तर पर नहीं ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) मिट्टी की कीमत जब से सोनू ने घुटनों के बल रेंगना शुरू किया था, हम पति-पत्नी बेहद खुश थे। रसोई में जाती तो वह रेंगकर रसोई ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) राजलीला प्रजा बेहाल थी। दैवीय आपदाओं के साथ-साथ अत्याचार, कुव्यवस्था एवं भूख से सैकड़ों लोग रोज मर रहे थे, पर राजा के कान पर ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) रिश्वत का नतीजा सही तरह से तो ये बात मालूम नहीं थी कि प्रभुदेव अधिकारी हैं या कोई साधारण कर्मचारी। फिर भी इतना तो अवश्य ही ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) बंदगी एक बार बादशाह अकबर शिकार पर निकले। कुछ दूर उन्हें एक जंगल दिखाई दिया और वे उसमें घुसकर शिकार की तलाश करने लगे। ... By jivansar
LAGHU KATHA(लघु कथाएं) धर्म- शून्य प्रेम आम्माँ की आवाज थर्रा रही थी- ‘सुनो, क्यों न अपनी सबीना को मनोहर भाई के घर छोड़ आयें। दंगाई किसी भी वक्त हमला ... By jivansar