Kavach Sangrah कवच संग्रह Mahalakshmi Kavach~महालक्ष्मी कवच || महालक्ष्मी कवच || नारायण उवाच सर्व सम्पत्प्रदस्यास्य कवचस्य प्रजापतिः। ऋषिश्छन्दश्च बृहती देवी पद्मालया स्वयम्॥१॥ धर्मार्थकाममोक्षेषु विनियोगः प्रकीर्तितः। पुण्यबीजं च महतां कवचं परमाद्भुतम्॥२॥ ... By jivansar
Kavach Sangrah कवच संग्रह Shri Shivkavach Strotram~श्री शिवकवच स्तोत्रम ॥ श्री शिवकवच स्तोत्रम ॥ अस्य श्री शिवकवच स्तोत्रमहामन्त्रस्य ऋषभयोगीश्वर ऋषिः । अनुष्टुप् छन्दः । श्रीसाम्बसदाशिवो देवता । ॐ बीजम् । नमः शक्तिः ... By jivansar
Shree Navgrah Kavach श्री नवग्रह कवच Rahu Kavacham~अथ राहुकवचम् II अथ राहुकवचम् II अस्य श्रीराहुकवचस्तोत्रमंत्रस्य चंद्रमा ऋषिः I अनुष्टुप छन्दः I रां बीजं I नमः शक्तिः I स्वाहा कीलकम् I राहुप्रीत्यर्थं जपे ... By jivansar
Shree Navgrah Kavach श्री नवग्रह कवच Surya Kavach~सूर्य कवच || सूर्य कवच || याज्ञवल्क्य उवाच श्शणुष्व मुनिशार्दूल! सूर्यस्य कवचं शुभम्। शरीरारोग्यदं दिव्यं सर्वसौभाग्यदायकम्॥ देदीप्यमान मुकुटं स्फुन्मकरकुण्डलम्। ध्यात्वा सहस्र किरणं स्तोत्रमेतदुदीरयेत्॥ शिरो मे ... By jivansar
Shree Navgrah Kavach श्री नवग्रह कवच Shri Shani Kavach~श्री शनि कवच || श्री शनि कवच || अथ श्री शनिकवचम् अस्य श्री शनैश्चरकवचस्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषिः II अनुष्टुप् छन्दः II शनैश्चरो देवता II शीं शक्तिः II ... By jivansar
Kavach Sangrah कवच संग्रह Shri Ganesh Kavach~श्री गणेश कवच || श्री गणेश कवच || एषोति चपलो दैत्यान् बाल्येपि नाशयत्यहो । अग्रे किं कर्म कर्तेति न जाने मुनिसत्तम ॥ १ ॥ दैत्या नानाविधा ... By jivansar
Kavach Sangrah कवच संग्रह Saraswati Vishwavijay Kavach~सरस्वती विश्व विजय कवचं || विश्वविजय सरस्वती कवच || श्रीब्रह्मवैवर्त-पुराण के प्रकृतिखण्ड, अध्याय ४ में मुनिवर भगवान् नारायण ने मुनिवर नारदजी को बतलाया कि ‘विप्रेन्द्र ! सरस्वती ... By jivansar
Kavach Sangrah कवच संग्रह Saraswati Vishwavijay Kavach~सरस्वती विश्व विजय कवचं || विश्वविजय सरस्वती कवच || अतः सरस्वती विश्व जय कवचंश्री गणेशाय नमःश्रृणु वत्स प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वकामदम्श्रुतिसारं श्रुतिसुखं श्रुत्युक्तं श्रुतिपूजितम्उक्तं कृष्णेन गोलोके मह्यं वृन्दावने ... By jivansar
Kavach Sangrah कवच संग्रह Garvkavach~गर्भकवच || गर्भकवच || ॐ ऐं ह्रीं क्लीं नमः शूलेन पाहिन नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके । घण्टास्वनेन नः पाहि चापज्या निःस्वनेन च । ... By jivansar
Ashtakam अष्टकम Shri Sudarshana Ashtakam~श्री सुदर्शनाष्टकं ॥ श्री सुदर्शनाष्टकं ॥ प्रतिभटश्रेणि भीषण वरगुणस्तोम भूषण जनिभयस्थान तारण जगदवस्थान कारण । निखिलदुष्कर्म कर्शन निगमसद्धर्म दर्शन जय जय श्री सुदर्शन जय जय ... By jivansar